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ग्वार व ग्वार गम स्थानीय बाज़ारों में स्थिर लेकिन वायदा बाज़ार में मंदी ।

ग्वार और ग्वार गम की कीमतें आज वायदा बाजार में मुनाफा वसूली के दबाव में थी। निवेशकों ने अपने वायदा सौदों को बढ़ी हुयी कीमतों पर हल्का कर लिया। स्थानीय बाजारों में ग्वार व ग्वार गम की कीमतें स्थिर और मजबूत हैं । ग्वारऔर ग्वार गम की स्थानीय मांग बढ़ी हुयी कीमतों पर जारी है। व्यापारी और ग्वार गम पाउडर प्रोसेसर घटी हुयी कीमतों पर ग्वारऔर ग्वार गम खरीद रहे हैं। लम्बे समय में ग्वार की कीमतों को कच्चे तेल की बढ़ी हुयी कीमतों से अच्छा फायदा मिलेगा। कच्चे तेल की कीमतों में बढती हुयी दर से सुधार हो रहा है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में अभी कोई बड़ी गिरावट नहीं देखी गयी है। कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले सुधर से सुधार से ग्वारऔर ग्वार गम को नियमित रूप से समर्थन मिलता रहेगा।

अच्छी गुणवत्ता के ग्वार का कारोबार रुपये 4600/100 किलो के आसपास हो रहा है और औसत गुणवत्ता वाले ग्वार बीज का कारोबार रुपये 4400/100 किलोग्राम के आस पास हो रहा है। मानक गुणवत्ता वाली ग्वार गम का कारोबार 10000/100 किलोग्राम के भावों पर हो रहा है । छोटे मोटे गाँव कस्बों में ग्वार का कारोबार 4200/100 किग्रा के आस पास हो रहा है । वायद बाज़ार एनसीडीईएक्स (नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड) में ग्वार का कारोबार मंदी में है। Guar-10 MT का कारोबार क्रमशः 1.91 फीसदी या 88 रुपये/100 किग्रा, 1.93 फीसदी या 91/100 रुपये, 1.62 फीसदी या 77 रुपये/100 किग्रा की मंदी के साथ फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए 4455 रुपये, 4616 रुपये 4686 रुपये पर हो रहा है । फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए खड़े सौदे क्रमशः12 9 370, 96570, 14020 है ।



वायदा बाजार में ग्वार गम का कारोबार भी मंदी में हो रहा है। एनसीडीईएक्स (नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड) में Guar gum-5 MT का कारोबार 9765, 98 9 0, 10020 रुपये में 2.55 प्रतिशत या 256/100 किलो, 2.66 प्रतिशत या 270/100 किग्रा, 2.93 प्रतिशत या 302/100किग्रा घाटे पर 36355, 45155, 255 खड़े सौदों पर क्रमशः फरवरी, मार्च और अप्रैल वायदों के लिए हो रहा है।  


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ग्वार, ग्वार गम  की खेती 
ग्वार की आमदनी घट कर 20,000 बोरी प्रति दिन से भी कम रह गयी है । किसान अपनी वित्तीय आवश्यकता के लिए अनुसार माल बेचने को बाजारों में ला रहे हैं । ग्वार की मुख्य आवक का समय चला गया है।  स्थानीय बाजारों में ग्वार की आवक और भी कम हो जाएगी। वैसे भी किसानों को उनके ग्वार का छोटे व्यापारियों से अच्छा मूल्य मिल रहा हैं।

ग्वार व ग्वार गम में फैक्ट्रियों की मांग से तेज़ी बनी रही ।

आज सोमवार को नए सप्ताह का व्यापर खुलने के बाद ग्वारग्वार गम की स्थानीय बाज़ारों में भारी मांग देखी गयी । ग्वार की आमदनी बाजारों कम होने से ग्वार के भावों में तेज़ी बनी हुईं है। बाजार के जानकारों के अनुसार ग्वार की फेक्ट्री बाज़ार भाव से 40-50 रूपाए बढा के ग्वार खरीद रही है। वैसे ग्वार के उत्पादन क्षेत्र में खरीफ की सभी कृषि उत्पादों में तेज़ी चल रही है लेकिन उत्पादन कम होने व अन्तराष्ट्रीय मांग बढ़ने के कारण ग्वार के भावों में ज्यादा तेज़ी है।

आज वायदा बाज़ार NCDEX में ग्वारग्वार गम का ऊपर का सर्किट लगने के कारण व्यापार बंद होगया। ग्वार गमग्वार सीड का फरवरी महीने का वायदा क्रमशः रुपये 9587 प्रति क्विंटल व रुपये 4410 प्रति क्विंटल के भावों के साथ बंद हुआ। स्थानीय बाज़ारों में ग्वारग्वार गम दोनों के भावों में तेज़ी है। सट्टेबाजी की आशंका अभी भी बनी हुयी है । बिकवाली का दबाब बना के बाज़ार को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है।




अगली फसल के आने तक इस वर्ष ग्वार के भावों में तेज़ी बनी रहेगी । क्रूड आयल में स्थिरता से तेजी लम्बे समय तक बनी रहेगी । अमेरिका में बढे हुए कच्चे तेल के दाम के कारण नए तेल कुए खुदाई के काम में तेज़ी आ रही है। ग्वार के विकल्प के रूप में अन्य उत्पाद भी विकसित किये गए है लेकिन उनकी क्षमता व परिणाम ग्वार गम जैसे नहीं है।


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Guar seed / guar gum seeds/ guar bean
ग्वार का भाव एक बार 4500 रुपये प्रति क्विंटल व ग्वार गम के भाव 10000 रुपये प्रति क्विंटल के ऊपर जा कर के स्थिर होना बहुत जरुरी है । ग्वार गम के अलावा ग्वार चुरी कोरमा में भी तेज़ी बनी हुयी है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में सोयाबीन के भावों में तेज़ी के कारण पशु आहार प्रोटीन के भाव तेज़ है। इस सप्ताह में ग्वार के भावों में मजबूती व तेज़ी बनी रहेगी।


मज़बूत फंडामेंटल के कारण ग्वार की कीमते में तेज़ी बनी रहेगी

पिछला सप्ताह ग्वार व ग्वार की कीमतों के हिसाब से काफी तेजी वाला व उतार चढ़ाव वाला रहा । इस दौरान ग्वार व ग्वार की ग्वार गम की कीमतों ने 3 साल के उच्चतम स्तर को पार लिया । आखिरी के 2 दिनों में सट्टेबाजी तथा NCDEX में कीमतों के गिरने के कारण कीमते उछाल के बाद वापस नीचे आगइ । ग्वार का फंडामेंटल इस साल कम उत्पादन के कारण शुरू से ही मजबूत था । इस साल बारिश एक सामान व अच्छी तरह से हुई । ग्वार के उत्पादन का अधिकतम क्षेत्र बरानी है । इस साल सिंचित क्षेत्र में ग्वार की खेती बहुत ही सिमित थी । कुल मिलाकर इस साल ग्वार का अनुमानित उत्पादन पिछले सालों के तुलना में बहुत ही कम है। बाजार के जानकारों के अनुसार वर्ष 2017-18 में ग्वार का उत्पादन 70,00,000 से 75,00,000 बोरी के करीब हुआ है। पिछली बार की कम कीमतों के कारण ग्वार की आवक शुरू से ही सामान्य थी, क्योंकि किसानों का ग्वार को रोकने का कोई मन नहीं था । उस समय ग्वार की विदेशों में निर्यात मांग बढ़ने के बारे में कोई सूचना नहीं थी । ग्वार की आवक के समय अक्टूबर – नवंबर - दिसंबर में ग्वार की कीमतें स्थिर थी मुख्य आवक का समय होने के कारण ग्वार की कीमतों में ज्यादा वृद्धि  नहीं देखी गयी  ।




लेकिन जनवरी के शुरुवाती दिनों में बाजार में एपीडा के द्वारा जारी निर्यात के आंकड़े बाज़ार में आगये । इन आंकड़ों के अनुसार इस साल के दौरान ग्वार गम के निर्यात में 42% की बढ़ोतरी हुई है । इस साल अप्रेल से नवम्बर में ग्वार गम का कुल निर्यात 3,60,570 मेट्रिक टन हुआ है पिछले साल इसी समय ग्वार गम का कुल निर्यात मात्र 2,26,431 मेट्रिक टन का हुआ था । ग्वार व ग्वार गम की कीमतों को बाजार में जारी इन आकड़ो से कुछ मजबूती मिली ।

इस साल ग्वार की आवक के दौरान क्रूड ऑयल की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही थी । यह कहीं ना कहीं यह भविष्य में गवार गम की अच्छी मांग का एक संकेत थी । ग्वार की कीमतों के पीछे क्रूड आयल की कीमते एक महत्वपूर्ण फंडामेंटल कारक है । ग्वार उत्पादन के आरंभिक अनुमानित आंकड़ों के बाद क्रूड ऑयल की बढती कीमतें  ग्वार व ग्वार गम की कीमतों के लिए एक उत्प्रेरक का कार्य करती है ।

ग्वार के आवक के समय के दौरान क्रूड आयल की कीमते धीरे धीर बढ़ जरुर रही थी लेकिन ये 50 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा दूर नहीं जा रही थी । विश्व के अस्थिर राजनैतिक वातावरण व OPEC देशो द्वारा तेल उत्पादन में कमी के कारण कीमते से ऊपर चढ़ रही थी । बाज़ार में धीर धीर बढ़ रही कीमतों से ग्वार को ज्यादा मजबूती नहीं मिल रही थी ।




लेकिन जब कच्चे तेल की कीमतें 70 अमेरकी डॉलर प्रति बैरल की तरफ जाने लगी तो क्रूड आयल की कीमतों ने अमेरिकी सरकार का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया । पिछले से पिछले सप्ताह के अंत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण समाचार अमेरिका से आया कि, तेल की बढती कीमतों के कारण अमेरिका अपने तेल उत्पादन के सभी क्षेत्रों को खुदाई के लिए खोल रहा है । यह समाचार पूरी ग्वार गम इंडस्ट्री के लिए अप्रत्यासित समाचार था क्योंकि तेल और प्राकृतिक गैस इंडस्ट्री द्वारा नए तेल के कुए की खुदाई के लिए ग्वार गम की आवश्यकता होगी तथा इससे ग्वार गम के निर्यात की मांग बढ़ेगी । ग्वार गम तेल के कुए खुदाई करने में एक महत्वपूर्ण ड्रिलिंग केमिकल है । बढती तेल की कीमतों के कारण अमेरिका में तेल के कुओं की खुदाई करने वाली कंपनियों के शेयर में चढ़ गए हैं । पिछले 1 महीने से  तेल और प्राकृतिक गैस इंडस्ट्री निवेशकों को आकर्षित कर रही है ।

तेल के नए को की खुदाई करने के समाचार के साथ ग्वार और ग्वार के भाव तजी  सुधरने लग गये । ग्वार स्थानीय बाजारों में ₹ 4400 प्रति क्विंटल के आसपास बिकने लग गया तथा ग्वार गम ₹ 9600 प्रति क्विंटल के आसपास स्थानीय बाजार में बोला जाने लग गया । लेकिन साथ साथ में बाज़ार में सटोरिये सक्रिय हो गए तथा सप्ताह के आखिर में बिकवाली के दबाव में ग्वार गम के भाव ₹500 प्रति क्विंटल तक टूट गए एक समय ग्वार गम की कीमतें नीचे के स्तर ₹9200 प्रति क्विंटल के आसपास तक गिर गये ।  लेकिन शुक्रवार शाम को स्थानीय बाजारों में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी देखने को मिली । मुख्या ग्वार की कीमतें इस दबाव में भी स्थिर व मजबूत बनी हुयी है । स्थानीय बाजारों में आवक घटने के कारण में ग्वार की कीमतें नहीं गिरी वंही ग्वार गम लगातार दो दिन नीचे की तरफ गिरता रहा ।

उत्तरी ग्लोब में भयंकर ठंड भी, ग्वार की कीमतों को मजबूती देने के लिए अन्य महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि इन देशों को गर्म व चलता फिरता रखने के लिए में प्राकृतिक गैस और जलाने के तेल की बहुत ज्यादा आवश्यकता है । जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुयी ।




मजबूत फंडामेंटल कारकों के कारण अभी किसान व व्यापारी ग्वार की मजबूती के प्रति आश्वस्त है । स्थानीय स्तर पर ग्वार का स्टोक होना शुरू हो गया है आने वाले दिनों में ग्वार की आवक स्थानीय बाजारों में और भी कम हो जाएगी ।  कमजोर आवक के कारण ग्वार की कीमतों में और मजबूती होगी ।

दूसरी तरफ ग्वार चुरी कोरमा बहुत ही मजबूत स्थिति में है । स्थानीय बाजारों में यह 2700 रुपए प्रति क्विंटल के मजबूत भाव से बिक रहा है । विदेशों में रोस्टेड कोरमा का लगातार निर्यात हो रहा है । इस समय सभी फंडामेंटल कारक ग्वार के पक्ष में है । नया ग्वार अक्टूबर 2018 के बाद आएगा । आने वाले मानसून तक ग्वार की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ती रहेगी । लेकिन कोई भी इस बात की आशा न रखें कि एक-दो दिन में ही ग्वार की कीमतें ऊंचाई पर पहुंच जाएगी अगर ऐसा होता भी है तो ऐसी कीमतें अस्थिर व ऊपर नीचे होने वाली होगी है । किसानों को अपना माल धीरे-धीरे अपनी आवश्यकता के अनुसार बेचना चाहिए ।

इस बीच में केवल एक कारण है जो ग्वार की कीमतों पर दबाव डाल सकता है; अगर OPEC देश अपने कच्चे तेल का उत्पादन बढाना शुरू कर दें ताकि अमेरिकी तेल व प्राकृतिक गैस इंडस्ट्री को कम मुनाफे के कारन नया निवेश न मिले । तेल की कीमते वापस 50 अमेरिकी डॉलर की तरफ मुड़ती है तो ग्वार गम इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय होगा ।  

तेल के कुओं की खुदाई करने वाली कंपनियों के शेयर ऊपर चढ़ रहे है लेकिन सट्टेबाजी के चलते ग्वार गम के भावों पर दबाब

कल वायदा बाजार NCDEX की कीमतों  के गिरने दबाब का असर स्थानीय बाजारों में भी देखने को मिला  ग्वार की कीमतें अभी बहुत मजबूत स्थिति में है । लेकिन ग्वार गम की कीमतों पर भारी दबाव है । स्थानीय बाजारों में ग्वार ₹4300 प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा जा रहा था और ग्वार गम ₹200 घटा करके ₹9300 प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा जा रहा था .

जोधपुर के बाजार में ग्वार ₹ ₹4300 प्रति क्विंटल के भाव को पकड़े हुए था । सिवानी मंडी में ग्वार की बोली ₹4275 प्रति क्विंटल के भाव के आस पास लगाई जा रही थी । आदमपुर मंडी में ग्वार की बोली ₹4280 प्रति क्विंटल के आस पास लगाई जा रही थी । मुख्य कमोडिटी ग्वार अभी बहुत ही मजबूत स्थिति में है लेकिन ग्वार गम हाज़िर में खरीदार नहीं होने के कारण दबाव में है । वैसे देखे तो सम्पूर्ण एग्री कमोडिटी का बाजार बाहरी बिकवाली के दबाव में हैं  । रबी की फसल की कमोडिटी बाजार में  MSP से भी नीचे बेची जा रही है ।



अगर तेल के कुए की खुदाई करने वाली कंपनी  हेल्लिबर्टन की वित्तीय स्थिति देखें तो पता चलता है कि 1 महीने पहले 14 दिसंबर को हेल्लिबर्टन  के शेयर  $44 के आसपास बाजार में चल रहे थे लेकिन आज  के दिन हेल्लिबर्टन  के शेयर $ 54 के आसपास चल रहे हैं इसका मतलब एक महीने में  हेल्लिबर्टन के शेयर 25 % ऊपर चढ़ गए है ।  निकट भविष्य में यह तेज़ी व पैसा ग्वार गम इंडस्ट्री में भी आएगा लेकिन कुछ समय लेगा । 

इस वर्ष ग्वार व ग्वार गम का फंडामेंटल बहुत मजबूत है क्योंकि क्रूड ऑयल अपने 3 साल के उच्चतम स्तर के ऊपर चल रहा है तेल और प्राकृतिक गैस उद्योग में निवेश बढ़ने के साथ ग्वार गम की मांग निकट भविष्य में  बढ़ेगी । अगले 2 दिन कीमतें दबाव में ही रहेगी, विशेषकर ग्वार गम की कीमत तथा ग्वार मजबूती के साथ स्थिर बना रहेगा । एक दो सप्ताह में  बाजार ऊपर नहीं जाएगा  कुच्छ समय लेगा ।   फिल हाल बाजार को प्रभावित करने के लिए  सटोरिए सक्रिय हैं ।


क्रूड आयल की सुर्ख तेज़ी, ग्वार व ग्वार गम के भावों में तेज़ी का अच्छा संकेत

क्रूड आयल अपने तीन साल के उच्चतम स्तर पर है ।. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल का व्यापर 69 डालर प्रति बैरल के आस पास हो रहा है । जून-2017 के बाद क्रूड आयल की कीमते 49% से ज्यादा बढ़ गयी है । कम उत्पादन के कारण क्रूड आयल की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बहुत ज्यादा मांग है । क्रूड आयल की कीमते 80 अमरिकि डॉलर की तरफ चढ रही है। मुख्यतः इसके पीछे तीन-चार कारण है । अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में अच्छी मांग, अभी तेल का उत्पादन कम , पूरा का पूरा उत्तरी विश्व भयंकर ठण्ड की चपेट, विश्व में राजनैतिक अनिश्चिता का वातावरण बना हुआ है । चढ़ती हुयी कीमतों के कारण तेल व प्राकृतिक गैस क्षेत्र अमरीका में निवेश को अत्त्यधिक आकर्षित कर रहा है ।     

विशषज्ञों के मुताबिक तेल के कुओं की खुदाई में काम आने वाले रसायन व पदार्थों की मांग तेल की कीमतों के साथ धीरे धीरे बढ़ेगी। ग्वार गम में मिश्रण को गाढ़ा बनाने का गुण होता है जिसके कारण इसका उपयोग जेलिंग कारक के रूप में होता है । ग्वार गम दुसरे रसायनों के साथ विशेष प्रकार की मोटी बजरी में मिलाया जाता है । उसके बाद इस मिश्रण को अत्यधिक दबाब के साथ तेल के कुए में भेजा जाता है । 



ग्वार भारत से निर्यात की जाने वाला प्रमुख कृषि उत्पाद है, तथा देश के विदेशी मुद्रा भंडार में अपना योगदान देता है । ये बहुत ज्यादा ऊपर निचे होने वाली कमोडिटी है, क्योंकि ये एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र में एक सिमित मात्रा में ही उगाई जाती है । ग्वार NCDEX में वायदा व्यापार करने के लिए मान्यता प्राप्त कृषि  जींस है । आज 11,जनवरी-2018 को ग्वार व ग्वार गम की कीमते वायदा बाज़ार बाज़ार NCDEX में उपर के स्तर पर मुनाफा वसूली के चलते टूट गयी। बाज़ार में सट्टेबाज़ सक्रिय है । बाज़ार बढ़ी हुए कीमतों को समायोजन करने में कुछ समय लेगा ।    

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फिलहार बाज़ार में ग्वार की आवक बेहद कम है । किसान, छोटे  व स्टॉकिस्ट  माल को फ़िलहाल रोके हुयें है । अगर माल को ज्यादा रोका गया व कृत्रिम कमी करने की कोशिश की गयी तो, कहीं ना कंही पूरी ग्वार गम उद्योग को नुकसान ही होगा क्योंकि तेल खुदाई करने वाली कम्पनीयां ग्वार गम के दुसरे पूरक उत्पादों की तरफ रूख करलेगी । वर्ष 2012-2013 की तेज़ी के दौरान ग्वार गम के पूरक उत्पाद विकसित कर लिए गए है व उनक सफल परीक्षण भी कर लिया गया है ।  



बाज़ार सिर्फ एक साथ में दो  तीनसप्ताह में ऊपर नहीं चला जायेगा, ग्वार व ग्वार गम की कीमतें अपने आप को देशी व विदेशी कारको के बीच में समायोजित करने में कुछ समय लेगी। किसानों व व्यापारियों को सिर्फ एक तरफा चढ़ाव के बारे में आशा नहीं रखनी चाहिए । अभी ग्वार की कीमतों में बहुत उतर चढाव आयेंगे । स्थानीय बाज़ार अभी बहुत मजबूत है । इस साल ग्वार की आवक / पूर्ति पिछले सालो के मुकाबले बहुत ही सीमित है । अभी ग्वार गम की मांग का पक्ष बहुत मजबूत है ।        

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