COPY PASTE

Sunday, 16 June 2019

2019-20 में मानसून में देरी से ग्वार की बीजाई घटेगी या बढ़ेगी ?

2019-20 में मानसून में देरी से ग्वार की बीजाई घटेगी या बढ़ेगी ? इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए पूरा YOUTUBE विडियो देखे l


ग्वार व ग्वार गम पर ज्यादा जानकारी के YOUTUBE के चैनल को सब्सक्राइब करे, ताकि ग्वार पर ताज़ा अपडेट के नए YOUTUBE विडियो आपको समय पर मिलते रहे l

Friday, 14 June 2019

क्या 2019-20 में ग्वार की खेती फायदेमंद रहेगी ?

अमेरिका व चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमते अन्तराष्ट्रीय बाज़ारों में तेज़ी से गिर रही है l अभी कच्चे तेल की कीमत 61 डॉलर प्रति बरेल से भी निचे आगई है l जो की पिछले चार महिने के निम्नतम स्तर पर है l गिरती हुयी कच्चे तेल की कीमतों ने अंतराष्ट्रीय बाज़ारों में दबाब बना रखा है l अमेरिका में कच्चे तेल की खुदाई की आयल रिग की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गयी है l अमेरिक में अभी 984 आयल रिग सक्रिय है जो की पिछले वर्ष की गणना से 76 कम है l बारिश के बाद में कच्चे तेल कीमते ग्वार को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारक है l


साधारणतया जून-जुलाई का महीना ग्वार व ग्वार की बिजाई का समय होता है l इसा समय ग्वार की मांग बाज़ार में ज्यादा रहती है। इस समय किसान से ग्वार की आवक बाज़ार में नहीं होती है।ज्यादातर छोटे किसान अपना ग्वार का स्टॉक फ़रवरी-मार्च तक बेच चुके होते है। सिंचित क्षेत्र के किसान प्रमाणित बीज से बीजाई करते है l लेकिन बरानी क्षेत्र में किसान अपने घर का बीज ही काम में लेते है l प्राप्त जानकारी के अनुसार कपास व खरीफ की दूसरी दालों के अच्छे भाव मिलाने के कारन ग्वार की बीजाई पीछल्रे वर्ष से घटने की आशंका है l

ग्वार की नयी फसल अक्तूबर व नवम्बर महीने में आएगी। व्यापारी या खरीददार अभी ग्वार व ग्वार गम के स्टॉक लेने की बजाय नयी फसल के आगमन पर ग्वार या ग्वार गम खरीदने की योजना बनायेंगे। कमजोर व मानसून में देरी के सिवाय कोई भी दूसरा फंडामेंटल कारक अभी ऐसा नहीं है जो ग्वार व ग्वार गम की कीमतों को सहारा दे सके l बाज़ार के जानकारों के अनुसार ग्वार निचे के स्तर 4000 रूपए प्रति क्विटल को नहीं तोड़ेगा l ग्वार अभी 4100 रूपए प्रति क्विटल के आस पास चल रहा है l


इस वर्ष ग्वार व ग्वार गम की कीमतों ने किसानो को कोई ज्यादा मुनाफा नहीं दिया है l पुरे वर्ष के दौरान ग्वार की कीमते 4100-4800 के बीच में घटती बढती रही। ग्वार गम पाउडर की निर्यात की मांग नहीं होने के कारन ग्वार गम के भावों में इस वर्ष तेज़ी देखने को नहीं मिली। ग्वार की कीमतों को मुख्य सहारा इस वर्ष ग्वार चुरी कोरमा की कीमतों से मिला है l ग्वार चुरी निर्यात होने वाला एक महत्वपूर्ण ग्वार उत्पाद के रूप में उभरा है l विदेशों में पशु आहार प्रोटीन की बढती मांग के कारण के ग्वार चुरी व ग्वार कोरमा के निर्यात में बढ़ोतरी हुयी है l ग्वार गम के पाउडर के निर्यात में कमी दर्ज की गयी है हालाँकि अभी पिछले वर्ष के फाइनल आंकड़े नहीं आये है l 



किसान भाई ग्वार की फसल को प्राथमिक फसल के रूप में बिजाई न करे l ग्वार की फसल को दूसरी वरीयता दे l बाज़ार में जीतनी ज्यादा आवक ग्वार की रहेगी किसान को उतना ही नुकसान है l कृषि गोदामों में रखा माल ग्वार के भाव को चढने ही नहीं देगा l मजबूरन किसानों को विदेशी कंपनी से निर्धारित दाम पर माल बेचन पड़ेगा l जो ग्वार गम पाउडर हम भारत से 100 रुपये किलो पर बहार भेजते है l वो ही ग्वार गम भारत में 1000 रूपए प्रति किलो के भाव पर वापस आ रहा है l

अभी तक की परिस्थिति के अनुसार किसान ग्वार के भाव को 5000 रूपए प्रति क्विटल से ऊपर ले कर नहीं चले l जन्हा तक मानसून के आगमन का सवाल है l अभी तक मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद है । केरल में मानसून का आगमन हो चूका है। सामान्य मानसून की स्थिति में ग्वार उत्पादन क्षेत्र में खरीफ की दूसरी दलहन फसलों की बिजाई ग्वार से ज्यादा होगी l हरियाणा में हरियाणा सरकार मक्का की खेती पर किसानों को आर्थिक सहायत दे रही है । राजस्थान में भी किसान बाजार मूंग मोठ पर ज्यादा ध्यान दे रहे है, इस वर्ष किसानों को बाजरे के अच्छे दाम मिल रहे है l 

ग्वार व ग्वार गम पर ज्यादा जानकारी के YOUTUBE के चैनल को सब्सक्राइब करे, ताकि ग्वार पर ताज़ा अपडेट के नए YOUTUBE विडियो आपको समय पर मिलते रहे l



Sunday, 9 June 2019

क्या 2019-20 में ग्वार की खेती किसानों के लिए फायदेमंद रहेगी ?

क्या 2019-20 में ग्वार की खेती  किसानों  के लिए फायदेमंद रहेगी ?? l इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए पूरा YOUTUBE विडियो देखे l


ग्वार व ग्वार गम पर ज्यादा जानकारी के YOUTUBE के चैनल को सब्सक्राइब करे, ताकि ग्वार पर ताज़ा अपडेट के नए YOUTUBE विडियो आपको समय पर मिलते रहे l

Sunday, 19 May 2019

Why are Guar gum prices not getting support from strong crude oil price ?

Currently crude oil prices are strong in international market due to increasing conflict between Iran and USA. In recent development USA has put strict restrictions on buying of crude oil from IRAN. Supply of crude oil has become tight with current geopolitics over Venezuela and Iran. Currently crude oil is being traded around USD 72/ Barrel. There are possibilities that crude oil prices may go up further with increasing tension in oil producing regions.



Even though crude oil prices and export of guar gum both are increasing but Guar gum and guar seed prices are not getting enough support from these two positive factors. Export of Guar products is shifting from Guar gum to Guar korma. Increasing Guar korma export is good for gaur industry to support guar prices at lower side, but export of Guar gum is very important to keep the prices strong at upper side.

Why are Guar gum prices not getting support from strong crude oil price ?, Guar, guar gum, guar price, guar gum price, guar demand, guar gum demand, guar seed production, guar seed stock, guar seed consumption, guar gum cultivation, guar gum cultivation in india, Guar gum farming, guar gum export from india , guar seed export, guar gum export, guar gum farming, guar gum cultivation consultancy, today guar price, today guar gum price, ग्वार, ग्वार गम, ग्वार मांग, ग्वार गम निर्यात 2018-2019, ग्वार गम निर्यात -2019, ग्वार उत्पादन, ग्वार कीमत, ग्वार गम मांग, Guar Gum, Guar seed, guar , guar gum, guar gum export from india, guar gum export to USA, guar demand USA, guar future price, guar future demand, guar production 2019, guar gum demand 2019

Indian gaur gum exporters are focused only on demand from oil and natural gas industry. Demand from oil and natural gas industry is highly competitive and volatile. Exporter must focus on demand from other than oil and natural gas industry. Demand from oil and natural gas industry in becoming very risky for whole Guar gum industry. Food and industrial demand is very important. It is stable and long term.




Now guar prices will keep roaming between INR 4000-5000/100Kg . Strong demand of Guar korma will not let the guar prices fall below INR 4000/Kg. Sluggish demand of guar gum from oil and natural gas industry will not let it go higher than INR 5000/100 Kg. This will remain primary limit till new crop will arrive in market in Nobember-2019. Fresh sowing of Guar crop and arrival of monsoon will set new limit of price movement. Even in worst case guar prices will not go below 4000/100Kg at lower side. 

Since there is no any other alternate crop to guar in rain fed area so guar sowing area will not fall freely. Farmers will go for Guar cultivation in rain fed area. If water will available in irrigation canal in sufficient quantity then farmers will go for cotton crop in irrigated area. Otherwise farmer may do the sowing of guar in irrigated area. 




Few multinational companies are collecting data from farmer and guar growing area in pretext to doing CSR project on Guar. These companies are end user of the guar gum in bulk quantity. These companies are using these data to run the guar busindustry with the help of their Indian partners. In next step these companies will force farmers to sell their produce as per profit and loss of the company. Farmers must keep themselves away from these companies in long term.

Please visit and subscribe the YOUTUBE channel, for the latest update and information on Guar & Guar gum 


Friday, 17 May 2019

कच्चे तेल की तेज़ी से क्या ग्वार के भाव 5000 से ऊपर जायेंगे ?

कच्चे तेल की तेज़ी से क्या ग्वार के भाव 5000 से ऊपर जायेंगे ? l इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए पूरा YOUTUBE विडियो देखे l


ग्वार व ग्वार गम पर ज्यादा जानकारी के YOUTUBE के चैनल को सब्सक्राइब करे, ताकि ग्वार पर ताज़ा अपडेट के नए YOUTUBE विडियो आपको समय पर मिलते रहे l

Thursday, 16 May 2019

Guar export has increased by 14.27% in year 2018-2019

As per the data released by APEDA and Agriculture ministry, total export of guar products from April-2018 to March-2019 is 5,13,218 MT, which is 64,093 MT higher than last year. Last year export of guar gum was 4, 49,125 MT. This is positive news for the guar farmers and guar gum exporters that guar products export has increased by 14.27%. This year Guar has generated the foreign exchange of 675 Million USD or equal to 4707 Crore Indian rupees. 



Guar is third largest exportable agriculture commodity after Basmati Rice, Normal Rice and Meat. Other agriculture commodities consume a lot of resources like water, electricity, land, farm inputs. These agriculture commodities also consume financial assistance and subsidy from Govt. Guar is totally different from it. Guar is a rainfed crop cultivated in dry area. Guar doesn’t consume any natural resources and it is not depended on Govt subsidy. 

Guar export has increased by 14.27% in year 2018-2019, Guar, guar gum, guar price, guar gum price, guar demand, guar gum demand, guar seed production, guar seed stock, guar seed consumption, guar gum cultivation, guar gum cultivation in india, Guar gum farming, guar gum export from india , guar seed export, guar gum export, guar gum farming, guar gum cultivation consultancy, today guar price, today guar gum price, ग्वार, ग्वार गम, ग्वार मांग, ग्वार गम निर्यात 2018-2019, ग्वार गम निर्यात -2019, ग्वार उत्पादन, ग्वार कीमत, ग्वार गम मांग, Guar Gum, Guar seed, guar , guar gum, guar gum export from india, guar gum export to USA, guar demand USA, guar future price, guar future demand, guar production 2019, guar gum demand 2019

Guar has emerged as major exportable commodity. But farmers are not benefiting due to volatility in commodities markets and speculations. As per the available data Guar is being exported at USD 1315/MT or INR 91/Kg, while farmers are getting INR 40-43 /Kg for their guar in current guar production cycle. 

There was landing of Feni cyclone in Orisa. As per metrological experts there will be no effect of FENI cyclone on arrival of monsoon. If arrival of monsoon remains normal and timely then there are possibilities that guar cultivation area will shrink. Farmer may opt other Kharif pulses crop for sowing due to lower prices of Guar in recent years. 




The farmers who want to go for Guar sowing should do a soil turning deep ploughing of their farm in May and June month. Soil born disease will be controlled with the help of deep ploughing. If there was attack of root rot disease in previous crop then don’t plan for guar sowing in same plot/patch of farm. Farmers should buy or book their seed in advance. Please buy the Bavistin / carbendazim for seed treatment against fungal disease. 

There is pressure of good Monsoon on Guar prices. Arrival of Guar in market is approximately nil. There will be demand of Guar in current month as Guar sowing seed. There will total demand of 30,000-35000 MT as seed. Guar prices are around INR 4300/100Kg and guar gum prices are around 8900/100kg in local market.

Saturday, 11 May 2019

ग्वार गम व अन्य ग्वार उत्पाद के कुल निर्यात में 2018-2019 में 14.27% के बढ़ोतरी

कृषि मंत्रालय व एपेडा द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार पिछले वित् वर्ष अप्रैल-2018 – मार्च-2019 तक ग्वार उत्पादों का कुल निर्यात 5,13,218 मेट्रिक टन हुआ है l जो की पिछले वर्ष के ग्वार उत्पादों के कुल निर्यात से 64,093 MT ज्यादा है l पिछले वर्ष कुल 4,49,125 MT ग्वार उत्पादों का निर्यात हुआ था l ग्वार उत्पादों के निर्यात में 14.27 % की बढोतरी होना भारतीय ग्वार उत्पादक किसानों व ग्वार गम प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए एक सकारात्मक समाचार है l इस वर्ष ग्वार निर्यात से देश को 675 मिलियन डॉलर या 4707 करोड़ रूपए के बराबर की विदेशी मुद्रा मिली है l


बासमती चावल, साधारण चावल, मांस के बाद ग्वार निर्यात होने वाला तीसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पाद है l बाकि कृषि उत्पाद देश के संसाधनों जैसे पानी, बिजली, जमीन उर्वरक का दोहन करते है, उनको सरकारी सहायत व ऋण मिलता है, न्यूनतम समर्थन मूल्य से सरक्षित है l इन सब के विपरीत ग्वार शुष्क क्षेत्र व वर्षा आधारित कृषि उत्पाद है l जो न तो प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करता न ही किसी विशेष सरकारी अनुदान या सहायता पर आधारित है l 


ग्वार भारत से निर्यात होने वाला एक महतवपूर्ण कृषि उत्पाद के रूप में उभरा है l लेकिन वायदा बाज़ार के उतर चढाव व बाजारों की सट्टेबाजी के कारण ग्वार के निर्यात का फायदा किसानों तक नहीं पहुँच पाता l प्राप्त आंकड़ों के अनुसार ग्वार का निर्यात 1315 डॉलर प्रति मेट्रिक टन या 91 रूपए प्रति किलो के भाव पर हो रह है l जबकि किसान को पिछले वर्ष ( चालू उत्पादन वर्ष में ) ग्वार का औसत भाव 40 - 43 रूपए प्रति किलो से ज्यादा नहीं मिल रह है l 

उड़ीसा में मानसून पूर्व फेनी तूफ़ान आया हुआ है l मौषम वैज्ञानिको के अनुसार फेनी तूफ़ान का डेढ़ महीने बाद आने वाले मानसून के आगमन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा l अगर मानसून का आगमन पूर्वानुमान के अनुसार समय पर व सामान्य रहता है तो ग्वार की बीजाई कम होने  की उम्मीद है l क्योंकि किसान ग्वार की कम कीमतों से हतौत्साहित हो कर के खरीफ की दूसरी दलहन फसलो की बिजाई करेगा l जिससे आनेवाले उत्पादन वर्ष में ग्वार का उत्पादन इस वर्ष से और भी कम होगा l 




जो किसान ग्वार की बुवाई करना चाहते है वो एक बार गर्मियों ( मई-जून ) में अपने खेत की गहरी जुताई जरुर कर दे l गहरी जुताई करने से जमीं से फैलाब्ने वाले रोगों में कमी होगीl अगर किसी ग्वार के खेत में पीछली बार जड़ गलन की समस्या आयी हो तो उस खेत में ग्वार की नयी बिजाई की योजना न बनाये l किसान अपना ग्वार का बीज अभी से बुक करवाले या खरीद कर रख ले l ग्वार के बीजोपचार के लिए बावेस्टीन या कोर्बोडेज़िम दवाई जरुर खरीद ले l 

बाज़ार में ग्वार के भावों पर अभी अच्छे मानसून के पुर्वानुमान का दबाब चल रहा है। ग्वार की आवक बाज़ार में नहीं के बराबर है। इस महीने ग्वार के निर्यात से अलग ग्वार की मांग बीज के रूम में भी होगी। तकरीबन 30,000- 35,000 MT ग्वार की जरुरत बीज के रूप में रहेगी है। स्थानीय बाज़ारों में ग्वार के भाव 4300 रूपए प्रति क्विटल के आस पास चल रहे है तथा ग्वार गम के भाव 8900 प्रति क्विटल के आस पास चल रहे है



ग्वार व ग्वार गम पर ज्यादा जानकारी के YOUTUBE के चैनल को सब्सक्राइब करे, ताकि ग्वार पर ताज़ा अपडेट के नए YOUTUBE विडियो आपको समय पर मिलते रहे l


MATCHED CONTENT / SIMILAR NEWS