Thursday, 18 January 2018

ग्वार गम ऊपर के स्तर से बिकवाली में फिसला. क्रूड आयल की कीमते तेज़ बनी हुयी है ।.

वायदा बाज़ार NCDEX में जनवरी का सौदा 10 % मुनाफे के साथ पूरा हुआ । अक्टूबर में जनवरी का सौदा रुपये 8200 प्रति क्विंटल से शुरू हुआ था मात्र 4 महीने में निवेशकों को प्रति क्विंटल 1000 रुपये का मुनाफा दे कर के गया है । उसी तरह ग्वार का सौदा रुपये 3700 प्रति क्विंटल से शुरू हुआ था जो की रुपये 4200 प्रति क्विंटल के ऊपर पूरा हुआ है इसा तरह से मात्र 4 महीने में 13% मुनाफा दे कर के बंद हुआ है ।

शैल क्रूड आयल का उत्पादन अमेरिका में बढ़ रहा है । विश्व में राजनैतिक तना तनी के अस्थिर हालत में तेल की कीमतें और बढ़ने की उम्मीद है । ओपेक देशों ने अपना उत्पादन कम रखा है। इसी बीच एक अन्य अनुमान के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतें 2018 में बढती रहेगी. 


किसानो को ज्यादा चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है । क्रूड आयल इंडस्ट्री की पूरी मांग अभी भारतीय बाज़ारों तक आयी नहीं है ।  मिल मालिको के मुताबिक, खरीददार अभी दाम कम होने के इंतजार में आर्डर नहीं दे रहे हैं । बचे हुए जनवरी के महीने में मांग निर्यातकों के पास पहुँचने लग जाएगी । ग्वार की कीमते 4300 के ऊपर बनी हुयी है ये अच्छी बात है ।  

तेल की बढती कीमतों के दबाब में भारत सरकार भी तेल के 51 ब्लोकों के खुदाई के टेंडर जारी करने वाली है । प्राथमिक कार्यवाही पूरी हो चुकी है ग्वार गम के निर्यात के अलावा घरेलु मांग भी बढ़ने वाली है । बढती कच्चे तेल की कीमतों के कारन  अमेरिका के अलावा ग्वार गम के निर्यात की मांग रूस, चीन, यूरोप से भी बढ़ने वाली है। बाज़ार के जानकारों के मुताबिक सट्टेबाज़ बिकवाली करके मार्किट को पकड़ने की कोशिश कर रहे है।  


स्थानीय बाज़ारों में ग्वार के भाव में अभी भी मजबूती बनी हुयी है । बाज़ार के रुझानों के मुताबिक ग्वार अपनी मजबूत स्थिति बनाये रखेगा । रुपये 4500 प्रति क्विंटल का भाव बहुत ही महत्वपूर्ण होगा । 

Guar gum export demand will continue but upward price movement will depend on supply

Price of crude oil is increasing day by day. By the next month out put of crude oil will reach 12 Million (1.2 crore barrel per day. As per another estimate this production will increase up to 18 million barrels per day by 2019. It seems that crude oil exploration and drilling will continue.  Oil companies in USA are drilling and producing with their full capacity. Bigger oil producing countries are returning to USA and acquiring the oil filed from smaller companies at heavy price.  As per one estimate USA will increase its global share in oil production by 80 % up till year 2025. USA has already withdrawn its self-imposed ban on oil export in year 2015.


Oil drilling companies are upgrading their technologies so that oil production can be started very fast. Other countries will also start oil drilling through fracking technology due to increasing crude oil prices. Fracking technology has emerged as a game changer technology for oil production. Times consumption is low in fracking technology and it can also review / recharge the old oil well.


Indian guar gum industry was in lean period due to lower crude oil prices.  Many guar gum processing units were closed. These factories will open slowly and slowly. Demand of guar seed will increase with opening of these factories. Guar Meal Churi Korma is at its higher prices. Price of Korma is being traded around INR 2700/100Kg.   Arrival of guar has dropped below 20,000 bags per day. This guar production is lower than previous years and new crop will come after 9 months. 

Wednesday, 17 January 2018

ग्वार गम की अंतराष्ट्रीय मांग बनी रहेगी, तेज़ी सप्लाई पर निर्भर करेगी ।

क्रूड आयल की कीमतों में प्रति दिन बढ़ोतरी हो रही है जिससे लगता है कि अमेरिका में तेल खुदाई का  कम जारी रहेगा ।  तेल की लगातार खुदाई के कारण ग्वार गम की मांग बनी रहेगी । अमेरिकी तेल उत्पादक कम्पनियाँ पुरे सामर्थ्य से तेल की खुदाई में लगी हुयी है । बड़ी तेल उत्पादक कंपनिया तेल उत्पादक क्षेत्र में महंगे दाम पर छोटी कंपनियों से खरीद रही है । वर्ष 2015 में अमेरिका ने तेल के निर्यात पर से भी स्वघोषित रोक हटा ली थी ।




तेल की खुदाई करने वाली कंपनिया भी अपनी तकनीक को अपग्रेड कर रही है,  ताकि तेल उत्पादन जल्दी से जल्दी शुरू किया जा सके । बढती तेल की कीमतों के कारन अन्य देश भी नयी तकनीक  से अपने यंहा तेल की खुदाई करेंगे फ्रेकिंग तकनीक तेल उत्पादन में क्रन्तिकारी तकनिक के रूप में उभरी है । इस तकनिक से तेल की खुदाई में कम समय लगता है तथा पुराने कुओ को  वापस चालू करने में भी उपयोगी सिद्ध हुयी है । .वर्ष 2014 में तेल 100डॉलर प्रति बैरल के ऊपर था ।

स्थानीय ग्वार गम उद्योग भी तेल की गिरी हुईं कीमतों से घाटे में चल रहा था । बहुत सारी ग्वार की फक्ट्रियां बंद पड़ी है । ये सभी फक्ट्रियां धीरे धीरे खुलेंगी ।. अभी फैक्ट्री के मालिक इंतजार कर रहे है । फैक्ट्री खुलने के साथ मांग ग्वार की मांग बढ़ेगी ।




दूसरी तरफ चूरी कोरमा के भाव भी अच्छे चल रहे है । कोरमा के भाव रुपये 2600-2700 प्रति क्विंटल के आस पास चल रहे है । ग्वार की आवक भी स्थानीय बाज़ारों में 20,000 बोरी प्रतिदिन से नीचे चल रही है । इस वर्ष ग्वार  का उत्पादन भी कम है तथा  नयी फसल 9 महीने बाद आएगी । 

Export of guar gum will increase with highest crude oil production in USA after 1970

Crude oil production is increasing in USA day by day. Within some days oil production in expected reach 10 Million (1 Crore) barrel per day. This figure will be highest ever after 1970. USA administration want to increase the production further so that monopoly of OPEC countries over crude oil production can be break down. By the year 2019 USA oil production is expected to increase up to 12 Million (1.2 crore) barrel per day. 


By the end of current budget year revenue of fracking services is expected to increase by 20 % in USA. Total revenue of fracking services will cross 29 Billion USD. Shale crude oil production sector   is emerging as largest employer in USA. 

Indian Guar gum industry will benefit from these business improvements. Export demand of guar gum will increase very much. Indian guar gum industry need to be keep away from speculators and speculative movement, so that crude oil industry doesn’t move to other alternates or substitutes of Guar. 

Tuesday, 16 January 2018

ग्वार गम निर्यात, अमेरिका में कच्चे तेल के उच्चतम स्तर पर पहुँचाने से कई गुना बढ़ सकता है

अमेरिकी तेल उत्पादन दिनों  दिन बढ़ता जा रहा है । कुछ ही दिनों में अमेरिका में तेल उत्पादन  1 करोड़ बैरल प्रति दिन तक पंहुंचने वाला है । जो की वर्ष 1970 के बाद सबसे ज्यादा उत्पादन होगा । अमेरिकी प्रशासन ये उत्पादन और बढाना चाहता है ताकि OPEC देेशों के प्रभुत्व को कम किया जा सके। वर्ष 2019 तक अमेरिका 1.2 करोड़ बरेल प्रति दिन उत्पादन के स्तर पर पहुंचाना चाहता है ।


इस बजट सत्र के अंत तक अमेरिका में फ्रेकिंग सेवाओं का राजस्व  साल के अंत तक 20% तक बढ़ जायेगा. कुल राजस्व 29 बिलियन डालर को पर कर जायेगा । शैल कच्चे तेल का उत्पादन अमेरिका में  सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्र के रूप में उभर रहा है ।

इन सभी व्यापर वृद्धि का फायद भारतीय ग्वार गम उद्योग को भी मिलेगा । ग्वार गम की मांग बहुत ज्यादा बढ़ेगी,  उद्योग को सट्टेबाजी से दूर रखने  की जरूरत है ताकि तेल उत्पादन का काम करने वाली कंपनियां किसी दुसरे उत्पाद की और रुख ना कर ले ।.