Wednesday, 17 January 2018

ग्वार गम की अंतराष्ट्रीय मांग बनी रहेगी, तेज़ी सप्लाई पर निर्भर करेगी ।

क्रूड आयल की कीमतों में प्रति दिन बढ़ोतरी हो रही है जिससे लगता है कि अमेरिका में तेल खुदाई का  कम जारी रहेगा ।  तेल की लगातार खुदाई के कारण ग्वार गम की मांग बनी रहेगी । अमेरिकी तेल उत्पादक कम्पनियाँ पुरे सामर्थ्य से तेल की खुदाई में लगी हुयी है । बड़ी तेल उत्पादक कंपनिया तेल उत्पादक क्षेत्र में महंगे दाम पर छोटी कंपनियों से खरीद रही है । वर्ष 2015 में अमेरिका ने तेल के निर्यात पर से भी स्वघोषित रोक हटा ली थी ।




तेल की खुदाई करने वाली कंपनिया भी अपनी तकनीक को अपग्रेड कर रही है,  ताकि तेल उत्पादन जल्दी से जल्दी शुरू किया जा सके । बढती तेल की कीमतों के कारन अन्य देश भी नयी तकनीक  से अपने यंहा तेल की खुदाई करेंगे फ्रेकिंग तकनीक तेल उत्पादन में क्रन्तिकारी तकनिक के रूप में उभरी है । इस तकनिक से तेल की खुदाई में कम समय लगता है तथा पुराने कुओ को  वापस चालू करने में भी उपयोगी सिद्ध हुयी है । .वर्ष 2014 में तेल 100डॉलर प्रति बैरल के ऊपर था ।

स्थानीय ग्वार गम उद्योग भी तेल की गिरी हुईं कीमतों से घाटे में चल रहा था । बहुत सारी ग्वार की फक्ट्रियां बंद पड़ी है । ये सभी फक्ट्रियां धीरे धीरे खुलेंगी ।. अभी फैक्ट्री के मालिक इंतजार कर रहे है । फैक्ट्री खुलने के साथ मांग ग्वार की मांग बढ़ेगी ।




दूसरी तरफ चूरी कोरमा के भाव भी अच्छे चल रहे है । कोरमा के भाव रुपये 2600-2700 प्रति क्विंटल के आस पास चल रहे है । ग्वार की आवक भी स्थानीय बाज़ारों में 20,000 बोरी प्रतिदिन से नीचे चल रही है । इस वर्ष ग्वार  का उत्पादन भी कम है तथा  नयी फसल 9 महीने बाद आएगी । 

Export of guar gum will increase with highest crude oil production in USA after 1970

Crude oil production is increasing in USA day by day. Within some days oil production in expected reach 10 Million (1 Crore) barrel per day. This figure will be highest ever after 1970. USA administration want to increase the production further so that monopoly of OPEC countries over crude oil production can be break down. By the year 2019 USA oil production is expected to increase up to 12 Million (1.2 crore) barrel per day. 


By the end of current budget year revenue of fracking services is expected to increase by 20 % in USA. Total revenue of fracking services will cross 29 Billion USD. Shale crude oil production sector   is emerging as largest employer in USA. 

Indian Guar gum industry will benefit from these business improvements. Export demand of guar gum will increase very much. Indian guar gum industry need to be keep away from speculators and speculative movement, so that crude oil industry doesn’t move to other alternates or substitutes of Guar. 

Tuesday, 16 January 2018

ग्वार गम निर्यात, अमेरिका में कच्चे तेल के उच्चतम स्तर पर पहुँचाने से कई गुना बढ़ सकता है

अमेरिकी तेल उत्पादन दिनों  दिन बढ़ता जा रहा है । कुछ ही दिनों में अमेरिका में तेल उत्पादन  1 करोड़ बैरल प्रति दिन तक पंहुंचने वाला है । जो की वर्ष 1970 के बाद सबसे ज्यादा उत्पादन होगा । अमेरिकी प्रशासन ये उत्पादन और बढाना चाहता है ताकि OPEC देेशों के प्रभुत्व को कम किया जा सके। वर्ष 2019 तक अमेरिका 1.2 करोड़ बरेल प्रति दिन उत्पादन के स्तर पर पहुंचाना चाहता है ।


इस बजट सत्र के अंत तक अमेरिका में फ्रेकिंग सेवाओं का राजस्व  साल के अंत तक 20% तक बढ़ जायेगा. कुल राजस्व 29 बिलियन डालर को पर कर जायेगा । शैल कच्चे तेल का उत्पादन अमेरिका में  सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्र के रूप में उभर रहा है ।

इन सभी व्यापर वृद्धि का फायद भारतीय ग्वार गम उद्योग को भी मिलेगा । ग्वार गम की मांग बहुत ज्यादा बढ़ेगी,  उद्योग को सट्टेबाजी से दूर रखने  की जरूरत है ताकि तेल उत्पादन का काम करने वाली कंपनियां किसी दुसरे उत्पाद की और रुख ना कर ले ।.



बढती हुयी कच्चे तेल की कीमते, ग्वार व ग्वार गम की कीमतों में स्थिरता व तेज़ी लाएगी .

कल  ग्वार की कीमत पिछले निचली स्तर से वापस सुधर गयी थी । बाजार में ग्वार की कीमतें काफी मजबूत है। खरीददार ना मिलाने के कारण ग्वार गम कुछ दबा में है । अभी की कीमतों पर बाज़ार में हाजिर में ग्वार  गम के खरीददार नहीं है । वायदा बाज़ार में जनवरी का सौदा के पुरे होने का दबाब है । कच्चे तेल की कीमतों में नियमित रूप से सुधार हो रहा है। उत्तर अमेरिका में तेल के कुओं की संख्या भी बढ़ रही है। बाजार में ग्वार बीज की आवक कमजोर बनी हुयी है। ग्वार की आवक भविष्य के और भी कम होने की उम्मीद है।


सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण,  ग्वार चूरी / ग्वार कोरमा की कीमत नियमित रूप से सुधर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भुने हुए कोरमा की अच्छी मांग है । साधारण कोरमा 2700 / क्विंटल के आसपास बिक रहा है । भुना हुआ कोरमा इससे अच्छी कीमत पर बिक रहा है। ग्वार स्थानीय बाज़ारों में अन्य कृषि जिंसो से ज्यादा मजबूत स्थिति में है । वायदा बाज़ार में जनवरी के सौदे पुरे होने को है । ज्यादातर व्यापर फ़रवरी सौदे के लिए हो रहा है । जनवरी का सौदा अगैल दो तीन दिनों में पूरा हो जायेगा ।


ग्वार व ग्वार गम में आगे की दिशा कच्चे तेल उत्पादन में काम में आनेवाले ग्वार गम पाउडर के आर्डर तथा   ग्वार दाल व ग्वार गम के निर्यात के नए आंकड़ों पर निर्भर करेगी । अभी तक की वास्तविक तस्वीर भी ग्वार गम के निर्यात के नए आंकड़ो से पता चलेगा । आगे की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले मौजूद स्तर पर कीमतों का स्थिर होना बहुत जरूरी है । कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी ।


वायदा बाज़ार में आप्शन ट्रेडिंग शुरू होने से कीमतों में स्थिरता आएगी । ज्यादा उतार चढाव देखने को नहीं मिलेगा । फंडामेंटली ग्वार अगर मजबूत है तो मजबूती बनी रहेगी ।   

How will option trading in guar benefit to farmers ?

On 14th January finance minister launched option trading in commodity market NCDEX for Guar. This is first of its type in agriculture commodity. Success in guar will be replicated in other commodities. Before Guar option trading was started in Gold by MCX. Though future trading gives a hedging tool to farmer and trader. In future trading there is obligation of contract.  Option trading gives  right but not obligation to buy or sell. Farmers and trader will have option to come out from contract before a specific date he is not obligated to full fill the contract.

There are two type of option ,

(i) Call : gives  right not obligation to holder to purchase a future contract at a pre-mentioned price on or before a date . In lay man language it is a buy contract. Call option is generally used as safeguard against rising price.

(ii) Put option gives right but not obligation to sell a future contract at a pre mentioned price on or a specific date. In lay man language it is sell contract. Put option is generally used as safeguard against falling price.




These are contract with option of exit before or on dates. In our normal life we give some advance for a buying of car or property with an option of complete payment after 15 days or 30 days. meanwhile we find that prices fall after five days and we are getting some cheap option then we buy another car or land and let the advance with seller. In another case we find that after 5 days prices of car property rise in market. they  we will have option to buy that particular car or property at lower price than market and we execute our contract.


In existing future  contracts we have obligation to execute the contract in the case of falling prices we can exit from contract after making the payment of margin money. That is liability of of investor to settle that amount. Option trading will attract more farmers and investors as there is no chance of loss. NCDEX has launched three options in guar February, March and April for this cropping season. Option trading will give stability in market price of Guar.



First option of guar will close on 28th February.  It will secure farmer against the falling price. If farmer get good prices in market higher than what he has option in hand, then he can exit from contract.  IF the prices fall in market then farmer will execute his option and it it will make farmer winner.