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ग्वार व ग्वार गम स्थानीय बाज़ारों में अभी भी बहुत मजबूती में है .

जनवरी का महीना ग्वार व ग्वार गम के हिसाब से एक बढ़िया महिना रहा है। ग्वार व ग्वार गम दोनों की कीमतें लगातार बढ़ रही है। कीमतों के लगातार चढने के बाद कल एक बार ग्वार व ग्वार गम की कीमते ऊपर के स्तर पर मुआफा वसूली / लाभांश अर्जित करने के बाद से वायदा बाज़ार में नीचे गिर गयी थी । बाज़ार में सटोरिये सक्रिय है । वायदा बाज़ार NCDEX में कीमते गिराने के बाद ग्वार व ग्वार गम में एक बार दबाब बन गया था लेकिन इसके दबाब के कारण स्थानीय बाज़ारों में बिकवाली नहीं देखी गयी। जोधपुर के स्थानीय बाज़ारों में कल ग्वार 4300 के आस पास व ग्वार गम 9450 के आस पास बिक रहे थे । दुसरे बाज़ारों में कीमतें थोड़ी बहुत ऊपर नीचे थी ।

अभी किसानो को ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है। कीमते कभी भी एक तरफ नहीं चलती। इस साल कुल मिला के ग्वार की कीमते / भाव ऊपर की तरफ ही जाएगें ।  ग्वार की कीमतें 4500 रुपये प्रति क्विंटल के बाद बहुत ही संवेदलशील रहेगी । एक समय के लिए ऊपर निचे हो सकती है। ग्वार की कीमतें  स्थिर होने के लिए एक बार दो तीन दिन ले सकती है । . लेकिन ज्यादा चिंता की बात नहीं है । नया माल बाज़ार में अक्टूबर-2018 महीने के बाद ही आएगा, तब तक बाज़ार में उपलब्ध मॉल से ही  काम  चलाना पड़ेगा ।



वायदा बाज़ार NCDEX पर ग्वार व ग्वार गम  की कीमते बाज़ार में ग्वार व ग्वार गम की कीमते निर्धारण करने का मुख्य व उत्तम स्त्रोत है । वायदा बाज़ार NCDEX लगातार एक सप्ताह तक एक तरफ़ा ऊतार चढाव स्थानीय बाज़ारों को प्रभावित कर सकता है।  लेकिन वायदा बाज़ार NCDEX पर ग्वार व ग्वार गम  की कीमतों में एक दो दिन के उतार चढाव का स्थानीय बाज़ारों में कोई ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.

क्रूड आयल की कीमते मई 2015 के बाद  के सबसे उच्चतम स्तर पर है । पूरा का पूरा यूरोप, अमेरिका, रूस, चीन भयंकर ठन्डे तूफान की चपेट में है । उर्जा के लिए तेल व प्राकृत गैस की अत्यधिक मांग है । क्रूड आयल की बढती कीमतों के साथ ग्वार गम की मांग भी आनेवाले वाले दिनों में ओर बढ़ने वाली है । अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में क्रूड आयल की कीमतें 68 डोलर प्रति बैरल के ऊपर पंहुंच गयी है । क्रूड आयल की ऊँची कीमतें  अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करेगी । अमेरिकी प्रशासन ओपेक देशो द्वारा निर्धारित क्रूड आयल की कीमतों को घरेलु तेल उत्पादन से संतुलित करने की कोशिश करेगा । तेल के नए कुए खोदने में नए तकनीक फ्रेकिंग तकनीक का उपयोग होता है । सबसे ज्याद ग्वार गम फ्रेकिंग तकनीक में ही उपयोग होता है । अमेरिकी प्रशासन ने तेल के नए कुए होदाने के प्रारम्भिक संकेत पिछले महीने में ही दे दिए थे ।



ग्वार ग्वार गम की कीमतों में नीचे की तरफ ग्वार चुरी कोरम का मजबूत सपोर्ट है । वर्ष 2012 में ग्वार चुरी कोरमा का इतना अच्छा सपोर्ट नहीं था । अभी की परस्थितियों के अनुसार 2018 ग्वार के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष होगा । भारत से कृषि उत्पाद के निर्यात में ग्वार गम का महत्वपूर्ण योगदान होगा । अभी स्थानीय बाजारों में तेज़ी है, ग्वार की कीमतों मके पीछे भौतिक करक बहुत मजबूत है । घबराने की अभी कोई जरुरत नहीं लग रही।  

कच्चे तेल की बढती कीमतों और कम उत्पादन अनुमानों के साथ ग्वार बीज और ग्वार गम के दामों में बढ़ोतरी।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ग्वार की कीमतों में बढ़ोतरी हो  रही है।   क्रूड ऑयल की कीमत धीरे-धीरे बढ़ रही है यह ग्वार गम की मांग में वृद्धि के लिए एक अच्छा संकेत है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 64 अमरीकी डालर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ नई ड्रिलिंग गतिविधियों में भी वृद्धि की उम्मीद है। ग्वार गम की प्रमुख मांग अमेरिका और अन्य नए तेल की उत्पादन  वाले देशों से बढ़ने की उम्मीद है।

ग्वार की कीमत पाकिस्तान में भी बढ़ रही है। ग्वार बीज का इस साल उत्पादन भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में कम है। कुछ व्यापारियों को 2012 की तरह ग्वार कीमतों में तेजी की उम्मीद है। बाजार जानकारी के अनुसार 5000 रूपए प्रति क्विंटल का स्तर पार करना बहुत मुश्किल होगा।  ग्वार की नयी फसल दस महीने बाद  अक्टूबर के अंत तक आएगी।  तब तक ईसी साल के स्टॉक से काम चलना पड़ेगा। बढ़ती कीमतों साथ और किसान व स्टॉकिस्ट अधिक मार्जिन के लिए माल को पकड़े रखने की कोशिश करेंगे।

बाजार की जानकारी के अनुसार इस साल 70,00,000 -75,00,000 बोरी (100 किग्रा प्रति बोरी ) के उत्पादन का अनुमान हैं। इस वर्ष नए फसल का व्यापर  3200/100 किग्रा के स्तर से शुरू हुआ था।  धीरे धीरे स्थानीय बाजार में 4100/100 किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गया है, इस प्रकार ग्वार ने अभी तक 25% से अधिक का रिटर्न दे दिया है। यदि यह 4500/100 किलोग्राम के स्तर तक पहुंच जाता है तो ग्वार  40% तक रिटर्न  हो जायेगा ।

ग्वार गम की कीमतें भी  ग्वार  की कीमतों के साथ बढ़ रही हैं। नई फसल के लिए आगमन के समय करीब ग्वार गम 7900/100 किग्रा के आसपास कारोबार कर रहा था, अब यह 9000 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर तक पहुंच चुका है, हालांकि ग्वार गम की कीमते ग्वार की नयी फसल आने के बाद ग्वार की कीमतों के साथ साथ बढ़ रही है लेकिन निर्यात की बढती मांग  से कीमतों को ज्यादा मजबूती मिली है ।  इस साल ग्वार गम की कीमत 12000 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को छू सकती है।

बेहतर कीमतों के लिए किसान 2-3 महीने तक इंतजार कर सकते हैं। जैसे ही मौजूदा स्टॉक बाजार में समायोजित होगा और बाजार में ग्वार बीज की मांग बढ़ जाएगी। इस समय सभी मुख्य कारक ग्वार की कीमतों के लिए सकारात्मक हैं। एक बार जब यह 4500 के स्तर को पार करेगा तो नए निवेशक ग्वार में निवेश करेंगे और बाज़ार से नए शिरे से ग्वार की ग्वार की मांग बढ़ेगी । गवार फसल का ज्यादातर उत्पादन बरसात के क्षेत्र/ बरानी क्षेत्र में होता है । ग्वार फसल का अच्छा उत्पादन यहां ​​कि वर्षा पर निर्भर करता है। ग्वार के उत्पादन क्षेत्र में  इस साल वर्षा पैटर्न खराब था।

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